ब्रजेश शास्त्री के चुटकुले-ब्रजेश ने बताये दारु के फायदे -स्वर ब्रजेश शास्त्री -DaRu की बाराहमासी
ब्रजेश शास्त्री के चुटकुले-ब्रजेश ने बताये दारु
के फायदे -स्वर ब्रजेश शास्त्री -DaRu की
बाराहमासी
टाइटल नाम = ब्रजेश ने बताये दारु के फाय
गायक = ब्रजेश शास्त्री
कंपीराईट्स = Rajput cassettes
लेबल = Rajput cassettes
रिकॉर्डिंग = Rajput cassettes
अल्बम = ब्रजेश शास्त्री
राइटर = ब्रजेश शास्त्री
प्रॉडक्सर = Rajput cassettes
डायरेक्टर = ब्रजेश शास्त्री
संपर्क मो0 =
व्हाट्सप्प =
follow us = Rajput cassettes
लिरिक्स =
Music ऑन = Rajput cassettes
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ब्रजेश शास्त्री के चुटकुले-ब्रजेश ने बताये दारु के फायदे -स्वर ब्रजेश शास्त्री -DaRu की बाराहमासी
Hindi-Lyrics
की धन्य दारु महरानी तेरे दुबिधा मन में नाई
अउ छोटे से बड़े तक तु सारे काम बनायीं
( सोंचा करता हूँ और देखता हूँ )
के सुबह से लेके शाम् तक
के सुबह से लेके शाम् तक
अरे दिन भर जो पीते है
अरे कोई नहीं है गम बड़ी
मौ जों से जीते है
कोई नहीं है गम बड़ी
मौ जों से जीते है
कोई नहीं है
( की इस दारु से क्या से क्या हो रहा है लाखो घर उजाड़ रहे है सिंघार उजड़ रहे है लेकिन मै तो यही देखता रहता हूँ सारे दिन )
सुबह से लेके शाम् तक
के सुबह से लेके शाम् तक
दिन भर जो पीते है
अरे कोई नहीं है गम बड़ी
मौ जों से जीते है
चाहे घर के सब् नाराज हो चाहे रूठें परिवारी
भाई कहे बुरी चाहे मारे वो घरवारि
जब तक पड़ी है पेट में कोई है गम नहीं
जिला के अधिकारी से बिल्कुल भी कम नहीं
अरे सबसे पहले दारु सुनिए भी फायदा
जो भी इसको पीता है करती है कायदा
धनवान हो धन्हीन हो कमजोर या बलवान
और जो भी इसे पीता है करती है हैरान
है हिम्मत की धनवान पीके दर नहीं लगता
बुजदिल भी हो इंसान वो डीएम से लड़ता
(यानी सबसे पहले हम आपको की दारु से फायदा क्या है
सबसे पहला फायदा है की कितना भी बुजदिल हो कायर हो और उसे दारु पिला दीजिये तो डीएम से कम नहीं है और )
आते नहीं है घरों में बदमाश कभी भी
पीने वाले के घर पड़ती न डकैती
मिलता नहीं है देखने को कभी बुढ़ापा
ठीक हि जवानी में होता है वो सफा
और ज्यादा पीने वाले को कुत्ता नहीं काटे
सम्मान करीके प्यार से वो मुह को चाटे
सम्मान करीके प्यार से वो मुख्ख को चाटे
( ऐसा हि नहीं )
राज नीती के काम ये
अब राज नीत के काम भी दारु ने जीते है
अवधेश
कोई नहीं है गम बड़ी
मौ जों से जीते है
कोई नहीं है गम बड़ी
मौ जों से जीते है
सुबह से लेके शाम् तक
के सुबह से लेके शाम् तक
दिन भर जो पीते है
अरे कोई नहीं है गम बड़ी
मौ जों से जीते है
कोई नहीं है गम बड़ी
मौ जों से जीते है
(मेरा मतलब है के दारु से जो फायदा है सबसे पहला फायदा है की हिम्मत बहुत बड़ जाती है दुसरा फायदा ये की ज्यादा पीनवाले को कुत्ता काटता नहीं है बड़े आदर से चाटता है तीसरा फायदा है की बुढ़ापे का कस्ट देखने को नहीं मिलता है जवानी ठीक वाद वो मेरा मतलब है की दारु से क्या क्या फायदा तो अब ये तो रहे शरीर के लिए फायदा अब आ जाईये दारु से कोनसे -2 फायदा हो रहे है दारु से क्या क्या काम चल रहे है ये तो साब आप देखी रहे हो जो घर घर में गाँव -2 में दारु ठेका खुले हुए है मंदिर कम होते चले जाते है दारु के ठेका बढ़ते चले जाते है )
लगी जाये कोई केस अगर
(अगर कोई केस लगी जाय तो घाबड़ाने की जरूरती नहीं है क्यूंकि अब दुर्गा महरानी तो चली गयी दारु महरानी रह गयीं मेरा मतलब है )
लगी जाये कोई केस अगर तो नहीं कही दिल में डरना
(अगर कोई केस लगी जय)
तो थाने में किसी सिपाही से चोरी से जाकर के मिलना
(मेरा मतलब है अगर कोई बुरे दिन आयी जाय केस लगी जाय तो पुलिस वाले बड़े ईमानदार बड़े इमेदार सबेरे को उठते कु रामायण चौपाई सुरु हुयी जाति उनकी उनसे बात करीके देख उ 50 हज़ार को मालू भरीके ले जाऊ 5 रुपया पकराय देयू निक जायु कितने इमेदार है मेरा मतलब है थाने में किसी सिपाही से मिल लेना अगर केस लगी जाय )
जो पैसा देना चाहा तो मार बहुत खाय जाओगो
(अगर पैसा देना चाहा )
समुझावन सिंह पड़े ऊपर और कम भी नहीं कर पयोगे
(रिश्वत नहीं लेते है पुलिस वाले अगर पैसा देना चाहा तो समुझवन सिंह को जाँ त हो एक छोटी सी लकड़िया में पटा बंधो होतो तो पच्छतायोगे लेकिन एक काम करना )
एक बोतल लेके दारु की धीरे से उन्हे दिखा देना
ईमानदार फिर पुलिस कर्मी फिर पुरा काम करा लेना
कितने भले साहब जो रिश्वत से डर जाते है
बस थोड़ी सी दारु देखी अरु सभी काम करी जाते है

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